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Gulzar Poems – गुलज़ार की 10 शानदार कविताएं!

gulzar poems मेरा ख़्याल है,नया मजमूआ लोगों के सामने पेश करने से पहले हर शायर को एक बार तो यह घबराहट ज़रूर होती होगी — पता नहीं, अब लोग क्या कहेंगे। इक्का दुक्का नज़्में लिखते रहने, और छप जाने से… Continue Reading